Nov 2021 मैं, ड्रग्स या नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले, या इनका व्यापार करने वालों पर, सरकार का “तशरीफ तोड़” कदम

जानकारी

Narcotic Drugs and Psychotropic Substances के बारे मैं, यदि आप कम जानते हैं तो समझ लें, एक criminal nature act है, ये Act पहली बार भारत के संसद भवन मैं सन 1985 के ग्रीष्मकालीन संसद सत्र मैं, पेश किया गया था, हालाँकि इस Act की शुरुआत, सन 1857 मैं, Opium ACT के नाम से हूई थी, जिसको बाद मैं संसोधित करके, सन 1930 मैं, एक नए नाम के साथ (Dangers Drug Act) पेश किया गया, उसके बाद मैं भी इसमें कई प्रकार की अन्य कमियों को संशोधित कर, आखरी बार, सन 1985 मैं, Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act के नाम पुनः संसद मैं, एक “क्रिमिनल नेचर एक्ट” के रूप मैं, पेश किया गया , साथ ही इसे स्पेशल Act की श्रेणी मैं भी रखा गया, ताकि इसमें समय दर समय सुधार किया जा सके

जैसा कि आप जानते हो, विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत मैं, 3 प्रकार के एक्ट हैं, जिसमें पहला है, “जनरल एक्ट”, दूसरा है “लोकल एक्ट” और तीसरा जो एक्ट है, वो है “स्पेशल एक्ट”,
स्पेशल एक्ट वे एक्ट होते हैं, जो देश के किसी भी कोने मैं हुए, ऐसे अपराध जोकि,,समाज के ऊपर गहरा असर डालते हैं, उनपर कड़ी कार्यवाही की अनुमति देता है, एवं इसे रोकने हेतु, निरंतर इन स्पेशल एक्टो मैं बदलाव की अनुमति देता है, ये Act IPC ( Indian Penal Code ) सेक्शन No – 41, अंतर्गत आते हैं,

क्योंकि “नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ” (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances act ) एक स्पेशल एक्ट है, इस कारण NDPS से सम्बंधित सभी केसों कोई सुनवाई, के लिए, एक स्पेशल जज की नियुक्ति की जाती है, इस केसों की सुनवाई के लिए, ये विशेष जज, एक विशेष सेशन का गठन करते हैं, जोकि High Court के समकक्ष होती है, इसी कारण इन केसों की अपील / सुनवाई उच्च न्यायपालिका ( हाई कोर्ट जुडिशरी ) मैं ही होती है

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके, भारत सरकार की ऑफिसियल वेबसाइट से, 49 पन्नों के, पूरे बिल ( Narcotic Drugs and Psychotropic Substances )को, डाउनलोड करें

Narcotic Drugs and Psychotropic Substances – 1985


“नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ” 1985 मैं, बहुतायत मात्रा मैं, ऐसे सुधार किये गए, जोकि प्राइवेट ड्रग के उत्पादन / रखरखाव एवं नियंत्रण करने या रेगुलेट के लिए, एक ऐसा लाइसेंस सिस्टम बनाया गया, जोकि राज्य या केंद्रीय सरकारों के अधिकार क्षेत्र मैं आता था, जिसमें ड्रग उत्पादन से लेकर, आयात – निर्यात रखरखाव, सेल, ट्रांसपोर्टेशन आदि सभी क्रियाएं सम्मलित हैं, सरकार मैं, इसके लिए, अलग अलग स्टेज पर, इससे 5 अलग अलग विभागों का गठन किया गया, जोकि इस प्रकार है

  • प्रारंभिक प्रणाली
  • प्राधिकरण और अधिकारी
  • गलत प्रयोग एवं क्रय विक्रय
  • अपराध और सजा
  • प्रक्रिया और जांच अभियोजन
मुख्य हैडिंग पढ़ें

ऐसे पदार्थ जोकि दवाइयों के लिए प्रयोग मैं, लाये जाते हैं, देश मैं इनका दुरूपयोग न हो, इन पर नियंत्रण रखा जा सके और साथ ही साथ इनको सही तरीके से, रेगुलेट किया जा सके, इस NDPS ( Narcotic Drugs and Psychotropic Substances ) बिल का मुख्य उद्देस्य है


संसोधन

Nov 2021 मैं, ड्रग्स या नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले, या इनका व्यापार करने वालों पर, सरकार ने, “तशरीफ तोड़” कदम उठाया है


Nov 2021 बिल

November 2021 मैं, भारत सरकार ला रही है, ये नए बिल, जानें इन बिलों के संसद मैं पारित होने के बाद, आपके सामजिक जीवन क्या बदलाव आने वाले हैं ?

  1. नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (अमेंडमेंट) बिल 2021
  2. कैंटोनमेंट बिल, 2021
  3. सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (अमेंडमेंट) बिल, 2021
  4. इंटर-सर्विसेज ऑर्गनाइजेशन (कमांड, कंट्रोल एंड डिसिप्लिन) बिल, 2021.
  5. दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टैब्लिशमेंट (अमेंडमेंट) बिल, 2021
  6. चार्टर्ड अकाउंट्स, दी कॉस्ट एंड वर्क्स अकाउंट्स एंड दी कंपनी सेक्रेटेरीज़ (अमेंडमेंट) बिल 2021
  7. इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी (अमेंडमेंट) बिल, 2021
  8. इंडियन अंटार्कटिका बिल, 2021
  9. इमिग्रेशन बिल, 2021
  10.  क्रिप्टोकरेंसी एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021.
  11. पेंशन फंड रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (अमेंडमेंट) बिल, 2021.
  12. बैंकिंग लॉ (अमेंडमेंट) बिल, 2021.
  13. इंडियन मैरीटाइम फिशरीज़ बिल, 2021.
  14. नेशनल डेंटल कमीशन बिल, 2021.
  15. नेशनल नर्सिंग मिडवाइफरी कमीशन बिल, 2021.
  16. मेट्रो रेल (कंस्ट्रक्शन, ऑपरेशन, एंड मेंटेनेंस) बिल, 2021.
  17. हाईकोर्ट एंड सुप्रीम कोर्ट जज (सैलरी एंड कंडीशन ऑफ़ सर्विस) अमेंडमेंट बिल, 2021.
  18. इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल, 2021
  19. एनर्जी कॉन्सर्वेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2021.
  20. नेशनल ट्रांसपोर्ट यूनिवर्सिटी बिल, 2021.
  21. नेशनल एंटी-डोपिंग बिल, 2021.
  22. कॉन्स्टिट्यूशन (शेड्यूल कास्ट्स एंड शेड्यूल ट्राइब्ज़)ऑर्डर (अमेंडमेंट) बिल त्रिपुरा , 2021.
  23. कॉन्स्टिट्यूशन (शेड्यूल कास्ट्स एंड शेड्यूल ट्राइब्ज़)ऑर्डर (अमेंडमेंट) बिल उत्तर प्रदेश , 2021.
  24. ट्रैफिकिंग ऑफ पर्सन्स(प्रिवेन्शन, प्रोटेक्शन एंड रिहैबिलिटेशन) बिल, 2021.
  25. फार्म लॉ रीपील बिल, 2021
  26. दी मीडिएशन बिल, 2021.

आर्यन खान ड्रग्स केस अपडेट

Narcotic Drugs and Psychotropic Substances act
Aryan khan drugs case

वास्तव मैं भारत के युवाओं को, जिन लोगों को अपना हीरो समझना चाहिए, उन्हें वे हीरो न समझकर, अत्यंत साधारण या नकारात्मक लोग समझते हैं, इनमें इन युवाओं के माता – पिता, समाज सुधारक या, हमारी आर्मी या हमारे देश के किसान भी हो सकते हैं, क्योंकि ये लोग इन युवाओं पर, कई तरह के बंधन लगाते हैं, जो इन्हें स्वीकार्य नहीं, और जो लोग अच्छा होने की एक्टिंग करते हैं, पर्दें पर पैसे लेकर, अच्छा होने का ढोंग करते हैं, आजादी से अपने विचार रखने की बात कहते हैं, और परदे के पीछे बुरे काम करते हैं, इन्हें हमारे युवा हीरो कहते हैं, ऐसे ही एक हीरो हैं, शाहरुख़ खान जिनकी अनाप शनाप कमाइयाँ हैं, इस कारण इनकी औलादें, अपने बापों के दम पर,सारी अय्याशी, सारे बुरे काम करती हैं
आपको तो पता ही होगा, 3 अक्टूबर 2021 को, एनसीबी ने, कथित रूप से मादक पदार्थों की बरामदगी के बाद, अभिनेता शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान, मर्चेंट और कुछ अन्य लोगों को, Narcotic Drugs and Psychotropic Substances case मैं, गिरफ्तार किया था.
इसके बाद उच्च न्यायालय ने 28 अक्टूबर को मर्चेंट और आर्यन खान को जमानत दे दी थी.
एनडीपीएस ( Narcotic Drugs and Psychotropic Substances ) कानून से जुड़े मामलों के, विशेष न्यायाधीश वी. वी. पाटिल ने 22 नवंबर को, कानून के प्रावधान 67 के तहत, आर्यन खान और उसके सभी साथियों के बेगुनाह होने की बात कह दी, वी. वी. पाटिल ने कहा – दर्ज आरोपी के बयान के अलावा, पहली नजर में और कोई साक्ष्य नहीं है जो बता सके कि आर्यन खान एवं उसके साथी, किसी प्रकार से दोषी हैं, या मादक पदार्थों की खरीद फरोख्त करते हैं,
कमाल की बात ये है, की जिस अधिकारी ने आर्यन खान को, रँगे हाथ गिरफ्तार किया था, उसके लेने के देने पढ़ गए हैं, ये होता है पैसे का खेल

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